योगी सरकार ने निजी वाहन मालिकों के लिए जारी किया ये फरमान, जानिए 3 अक्टूबर से कैसे बदल जाएगी लोगों की लाइफ

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Vehicle Registration : यूपी सरकार ने प्रदेश में वाहनों की पंजीयन पत्रावलियों को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब निजी वाहनों की पत्रावलियां वाहन के मालिक ही रखेंगे। वहीं, कमर्शियल वाहनों की पत्रावलियां एआरटीओ कार्यालय में रखी जाएंगी। यह व्यवस्था तीन अक्टूबर से लागु होगा। निजी वाहनों की पत्रावलियां वाहन मालिक के पास रखने से उन्हें अपने वाहन से जुड़े सभी दस्तावेज आसानी से मिल सकेंगे। साथ ही, वाहन के किसी भी तरह के लेनदेन या बीमा आदि के लिए वाहन स्वामी को बार-बार डीलर के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।



वाहनों के किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करना भी होगा आसान



कमर्शियल वाहनों की पत्रावलियां एआरटीओ कार्यालय में रखने से इन वाहनों की निगरानी और रखरखाव अच्छे से होगा। साथ ही, इन वाहनों के किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करना भी आसान होगा। परिवहन विभाग ने सभी वाहन विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे रखी पत्रावलियां सुरक्षित रखें। इसके लिए वे वाहन स्वामी से शपथपत्र भी लेंगे।

यह व्यवस्था वाहन स्वामियों और परिवहन विभाग दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे वाहन स्वामियों को अपने वाहन से जुड़े सभी दस्तावेज ईजली मिल सकेंगे। वहीं, परिवहन विभाग को वाहनों की निगरानी और रखरखाव बेहतर करने में सहायता मिलेगी।



परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने कही ये बात



वही परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने इस संबंध में आरटीओ व एआरटीओ को आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश में दोपहिया, चारपहिया या अन्य दूसरे वाहन खरीदने पर डीलर प्वाइंट मतलब वाहन विक्रेता के यहां गाड़ियों की पत्रावलियां सेफ्ली रखी जाती रही हैं। हर दिन करीब डेढ़ से पौने दो लाख वाहनों का पंजीयन होता है। डीलर्स फेडरेशन ने सरकार ने पत्रावलियां रखने की व्यवस्था बदलने का अनुरोध किया।



सभी वाहन विक्रेताओं के लिए आदेश जारी



वही प्रदेश में चार नवंबर 2020 से मूल पत्रावली डीलर के पास रखी जा रही हैं। उनके संबंध में अलग से आदेश जारी होगा। निर्देश है कि सभी वाहन विक्रेताओं को आदेश जारी किया जाए कि वे रखी पत्रावलियां सुरक्षित रखें। आदेश है कि निजी वाहनों के पंजीयन के समय उनके भौतिक निरीक्षण की आवश्यकता नहीं होती। उनका डीलर प्वाइंट पर पंजीकरण हो रहा है। ऐसे वाहनों के सभी अभिलेख डीलर डिजिटल साइन से वाहन पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। डीलर को वाहन स्वामी से सौ रुपये के स्टांप पर शपथपत्र अनिवार्य रूप से लेना होगा।

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वाहनों की मूल पत्रावलियां एआरटीओ कार्यालय में राखी जाएगी सुरक्षित



जहाँ विक्रेता शपथपत्र को भी पोर्टल पर अपलोड करके मूलप्रति एआरटीओ कार्यालय भेजेगा। वाहन स्वामी को रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र के साथ मूल पत्रावली भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीलर वाहन स्वामी को पत्रावली प्राप्ति प्रमाणपत्र भी देगा।

कमर्शियल वाहनों का भी पंजीयन डीलर प्वाइंट पर होता है। डीलर पोर्टल पर अभिलेख अपलोड करते हैं। ऐसे वाहनों की मूल पत्रावलियां एआरटीओ कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएंगी। इन वाहनों का निरीक्षण व स्वस्थता प्रमाणपत्र जारी होता है। ये प्रक्रिया वाहन अपने जिले या दूसरे जिले में खरीदने पर पूरी करनी होंगी।

एआरटीओ कार्यालय में अलग से वाहन सीरीज रजिस्टर बनेगा। वहीं, अन्य प्रदेश से पंजीयन के लिए आने वाले वाहनों की पत्रावलियां मौजूदा व्यवस्था के अनुसार एआरटीओ कार्यालय में ही रखी जाएंगी।

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