एक ऐसा वीर सैनिक जो शहीद होने के बाद भी कर रहा है ड्यूटी

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अगर हम अपने घर में आराम से बेठ कर मोज कर रहे है तो उसका सबसे बड़ा श्रेय हमारे भारतीय सैनिको को जाता है जो की बिना रुके देश की सेवा कर रहे है . चाहे सर्दी यो या फिर गर्मी हमेशा हमारे जवान सीमा पर बहुत ही मुस्तेदी से अपनी ड्यूटी निभाते है . सैनिक बन कर देश सेवा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती लेकिन कुछ सैनिक तो ऐसे होते है जो अपनी जान की बाजी तक लगा देते है . आज हम आपको पंजाब रेजिमेंट के एक ऐसे ही सैनिक के बारे में बताएँगे जो शहीद होने के 52 साल के बाद भी देश की सेवा कर रहा है .

 

हरभजन सिंह की गाथा

 

हरभजन सिंह ने सैनिक के तौर पर पंजाब रेजिमेंट ज्वाइन किया था वो वैसे पाकिस्तान के गुजरावाला के रहने वाले थे जो अब पाकिस्तान में है . उन्होंने 1966 में सेना में भर्ती हुए थे और जब उनको काम करते हुए सिर्फ 2 साल ही हुए थे तो अचानक एक दिन नदी के तेज बहाव के कारण शहीद हो गए थे . जब उनका शरीर नहीं मिला तो उनकी आत्मा ने दुसरे सैनिको के सपने में आकर अपने शरीर की जगह बताई थी , और हैरानी की बात की उनका शरीर वही पर मिला था .

 

हरभजन की आत्मा आज भी कर रही ड्यूटी

 

आपको बता दे की हरभजन को शरीर छोड़े हुए लगभग 52 साल हो गए है लेकिन उनकी आत्मा आज भी ड्यूटी कर रही है . ये कहा जाता है की जब भी चाइना की तरफ से कोई भी हमला या हरकत होती है तो उनकी आत्मा पहले से ही सब कुछ बता देती है . यही नहीं चाइना के कई सैनिको ने भी उनकी आत्मा को देखे जाने का दावा किया है .

 

जब भी कोई मीटिंग होती है तो उनके लिए एक अलग से कुर्सी दी जाती है और ये कहा जाता है की वो उस मीटिंग में शामिल होते है . साथ ही एक बात और उनके नाम का एक मंदिर भी बनाया गया है जहा पर उनकी पूजा होती है . यही नहीं भारतीय सेना उनको आज भी तनखाह देती है और उनके लिए एक अलग से कमरा भी है .